पोरा तिहार 2025 : छत्तीसगढ़ के किसानों संग संस्कृति अऊ बैल जोत के गाथा
-DIGITAL BHILAI NEWS-
– 23 अगस्त 2025 – Chhattisgarh –
🙏🏻Chhattisgarh महतारी के माटी मं जियत-जागत परंपरा अऊ संस्कृति के ग़हिरा छाप मिलथे। ओही मं से एक बड़का परब आय पोरा तिहार।
🙏🏻ये तिहार हर बछर “भादो अमावस्या” के दिन मनाय जाथे अऊ किसान मन अपन बैला जाता ला पूजथें।
🙏🏻बैल किसान के जिनगी के साथी हवंय, ओही ले ये परब के महत्ता खास होथे।
🙏🏻आवव जानथन पोरा तिहार के महत्व अऊ छत्तीसगढ़ मं कइसने ये मनाय जाथे, अऊ ओखर संग जुड़े मान्यता मन ला घलो।”

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पोरा तिहार के महत्व💯✔️
किसानी संग जुड़े परब 🙏🏻 – बैल बिना किसान के काम अधूरा आय। खेत जोतना, बोआई करना अऊ फसल ल निकालना मं बैल के बड़ योगदान रहिथे।
प्रकृति अऊ मेहनत के आदर 🙏🏻 – ये तिहार ये बात ला सुरता कराथे के किसानी सिरिफ मनखे के मेहनत ले नई, बल्कि पशु अऊ प्रकृति के संग-संग होथे।
गांव-गांव मं भाईचारा🙏🏻 – ये दिन हर घरों – घर मं पकवान बनथे, मेजवानी होथे अऊ गांववाले मिल-जुल के तिहार मनाथें।

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Chhattisgarh – पोरा तिहार के परंपरा🙏🏻
1. बैल सजाना – किसान मन अपन बैल ला नहाथें, रंग-बिरंगा कपड़ा, घंटी, फुल-माला अऊ काठी ले सजाथें।
2. पूजा-पाठ – बैल के सींग मं तेल-हल्दी लगाके आरती उतारे जाथे, ओखर पूजा करे जाथे।
3. मिट्टी के पोरा खिलौना – लइका मन माटी अऊ लकड़ी के बने बैला- गाड़ी ले खेलथें।
4. गांव के खेलकूद – कोई-कोई गांव-गांव मं बैल दौड़, नाच-गाना अऊ सांस्कृतिक कार्यक्रम होथे।

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इतिहास अऊ परंपरा🙏🏻
इतिहासकार मन कहिथें के पोरा तिहार के सुरुआत पुरखा किसान मन ले होय रहिस। बैल के महत्तम ला मान देके, ओमन अपन जिनगी के संग जोड़ दे हवंय। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र अऊ मध्यप्रदेश के कई ठन इलाका मं ये तिहार बड़ धूमधाम ले मनाय जाथे।
आज के बखत मं पोरा तिहार🙏🏻
आज मशीन अऊ ट्रैक्टर आ गे हवंय, फेर गांव मं बैल अभी घलो किसानी के बड़ आधार हवंय। ये परब सिरिफ पूजा-पाठ नइये, बल्की हमर गांव-गिरांव के पहिचान अऊ संस्कृति के धरोहर आय। सहर मं घलो लोगन पोरा जाता खिलौना लइका मन बर लेथें अऊ सांस्कृतिक आयोजन करथें।
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समाज अऊ पर्यावरण मं असर
✔️ये तिहार पशु मन के प्रति दयाभाव अऊ आदर जगाथे।
✔️किसान अऊ लइका मन ला धरती अऊ प्रकृति संग जुड़ाय रखथे।
✔️माटी के खिलौना बनाय वाले कारीगर मन बर रोजी-रोटी के साधन बनथे।
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डिजिटल भिलाई न्यूज के बधाई संदेश🙏🏻
🌸✨ डिजिटल भिलाई न्यूज परिवार के तरफ ले आप सब झन ला “पोरा तिहार के गाड़ा-गाड़ा बधाई अऊ शुभकामना।”
ये परब हर घर-परिवार मं सुख-समृद्धि, भाईचारा अऊ खुशहाली ले भर देय।
जय जोहार
जय छत्तीसगढ़ महतारी🙏🏻

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✍🏻 रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

